बाबा के बारे में
कलियुग के देवता — जो हारे हुओं को सहारा देते हैं
बाबा खाटू श्याम जी — हारे का सहारा
बाबा खाटू श्याम को "कलियुग के देवता" और "हारे का सहारा" कहा जाता है। वे महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक के अवतार हैं, जिन्होंने स्वयं का शीश दान करके अपनी महान भक्ति और बलिदान का परिचय दिया।
खाटू धाम राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है। यहाँ का मंदिर सफेद संगमरमर से बना है और इसकी सुंदरता अतुलनीय है। हर साल लाखों भक्त यहाँ दर्शन करने आते हैं।
बाबा की महिमा अपरंपार है। जो भक्त सच्चे मन से बाबा की शरण में आते हैं, बाबा उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। इसीलिए बाबा को "लखदातार" यानी लाखों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले भी कहा जाता है।
खाटू धाम का धार्मिक महत्व
मंदिर स्थापत्य
सफेद संगमरमर से निर्मित भव्य मंदिर, राजपूताना शैली की अनुपम वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है।
श्याम कुंड
मंदिर के पास स्थित पवित्र कुंड में स्नान करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
श्याम बाग
मंदिर परिसर में स्थित सुंदर बाग जहाँ भक्त शांति और आध्यात्मिक वातावरण में विश्राम करते हैं।
यज्ञशाला
मंदिर परिसर में हवन और यज्ञ के लिए विशेष स्थान जहाँ नित्य पूजा-अर्चना होती है।
खाटू धाम कैसे पहुँचें
रेलवे द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन रिंगस है (17 km)। जयपुर और दिल्ली से सीधी ट्रेन उपलब्ध है।
बस द्वारा
जयपुर, दिल्ली और सीकर से सीधी बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। RSRTC और प्राइवेट बसें चलती हैं।
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। वहाँ से टैक्सी या बस से आएं।
कार द्वारा
NH-58 से जयपुर-सीकर हाईवे के रास्ते आसानी से पहुँचा जा सकता है। रिंगस से खाटू मात्र 17 km है।
यात्रा से पहले जानें
अक्टूबर से मार्च तक का मौसम दर्शन के लिए सबसे अच्छा है। फाल्गुन मेले में विशेष माहौल होता है।
शालीन और धार्मिक पोशाक पहनें। मंदिर में प्रवेश से पहले जूते उतारें।
बाबा को चुनरी, श्रीफल और फूल चढ़ाएं। मंदिर परिसर में प्रसाद उपलब्ध है।
गर्भगृह में फोटोग्राफी वर्जित है। बाहरी परिसर में फोटो लेने की अनुमति है।
दर्शन समय
बाबा का आशीर्वाद लें
जय श्री श्याम! बाबा खाटू श्याम की शरण में आएं और अपना जीवन धन्य बनाएं।