श्री खाटू श्याम चालीसा
॥ दोहा ॥
श्री गणेश गुरु चरण में, धरि माथे पर ध्यान।
खाटू श्याम की लीला का, करूं वर्णन गुणगान॥
जन्म लिया घटोत्कच से, बर्बरीक महान।
माता मोरवी सुत हैं, युद्ध विद्या में मान॥
॥ चालीसा ॥
जय जय खाटू नरेश श्याम, भक्तन के प्रभु काम।
कलियुग के भगवान हो, जन जन का आराम॥
तीन बाण के धनुर्धर, अजय अपार महान।
सत्य वचन बोले सदा, यही है तेरी पहचान॥
श्री कृष्ण ने माँगा शीश, दिया हँस कर दान।
इसी वजह से कहलाए, लखदातार महान॥
बर्बरीक से श्याम हुए, मिला नया नाम प्यार।
खाटू धाम में बिराजे, करते सब पर उपकार॥
हारे हुए को सहारा, यही है तेरा काम।
दुखी जनों के दाता हो, हे बाबा अभिराम॥
सुबह उठकर जो तेरा, ले ले पावन नाम।
उसके घर में सुख रहे, मिले मनचाहा काम॥
फाल्गुन मेले में आते, लाखों भक्त महान।
दर्शन कर के जाते हैं, भरे मन और प्राण॥
राजस्थान की धरती पर, खाटू है तीर्थधाम।
सीकर जिले में बिराजे, श्याम ललाम तमाम॥
जो भी आए द्वार तेरे, खाली न जाए कोय।
मनोकामना पूर्ण हो, भक्त सुखी हो सोय॥
चालीसा जो पढ़े प्रतिदिन, श्रद्धा और विश्वास।
श्याम बाबा की कृपा से, होगी हर इच्छा खास॥
॥ दोहा ॥
खाटू श्याम चालीसा, पढ़े जो भक्त श्रद्धान।
श्याम बाबा की कृपा से, मिले जग में सम्मान॥
खाटू श्याम चालीसा का नियमित पाठ करने से जीवन में सुख-शांति आती है। विशेषकर शुक्रवार को श्याम बाबा का दिन माना जाता है — इस दिन चालीसा पढ़ने से बाबा विशेष आशीर्वाद देते हैं। कई भक्त एकादशी और फाल्गुन पूर्णिमा पर भी इस चालीसा का पाठ करते हैं।