बर्बरीक की अनोखी शक्ति — तीन बाण
पहला बाण
जिसे बचाना हो उसे चिह्नित करता था — सारे ब्रह्मांड में एक साथ
दूसरा बाण
जिसे नष्ट करना हो उसे चिह्नित करता था
तीसरा बाण
दोनों काम एक साथ — पूरा युद्ध एक पल में समाप्त
श्री कृष्ण ने जब बर्बरीक की शक्ति देखी, तो समझ गए कि अगर यह युद्ध में उतरे तो पाण्डवों की जीत भी अनिश्चित है। क्योंकि बर्बरीक कमजोर पक्ष की ओर से लड़ने का वचन दे चुके थे और कौरव-पाण्डव की शक्ति लगातार बदलती रहती।
बर्बरीक की कथा हमें सिखाती है कि सच्चा वीर वह है जो अपने वचन पर अडिग रहे, चाहे कुछ भी हो। बर्बरीक ने श्री कृष्ण को शीश देकर जो त्याग किया, वह अद्वितीय है और इसीलिए आज वे सारे संसार में पूजे जाते हैं।