समाचार
जय श्री श्याम! 🙏 आज की संध्या आरती सायं 6:30 बजे • फाल्गुन मेला 2026 की तैयारियां शुरू • खाटू धाम में सभी भक्तों का स्वागत है जय श्री श्याम! बाबा की कृपा सब पर बनी रहे। लाइव आरती दर्शन अब उपलब्ध है। जय श्री श्याम! 🙏 आज की संध्या आरती सायं 6:30 बजे • फाल्गुन मेला 2026 की तैयारियां शुरू • खाटू धाम में सभी भक्तों का स्वागत है जय श्री श्याम! बाबा की कृपा सब पर बनी रहे। लाइव आरती दर्शन अब उपलब्ध है।
अगली आरती: 12:00 PM - राजभोग आरती
ॐ जय श्री श्याम

खाटू श्याम एकादशी व्रत

खाटू श्याम एकादशी — खाटू धाम में एकादशी का विशेष महत्व है। हर महीने की एकादशी को मंदिर में विशेष पूजा और दर्शन होते हैं। एकादशी व्रत रखने से खाटू श्याम बाबा की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है।

एकादशी व्रत का महत्व

एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो बार आती है — शुक्ल एकादशी और कृष्ण एकादशी। यह भगवान विष्णु का पवित्र दिन है। चूँकि खाटू श्याम बाबा विष्णु के अवतार श्री कृष्ण के वरदान से प्रकट हुए हैं, इसलिए एकादशी का उनसे विशेष संबंध है।

साल की प्रमुख एकादशियाँ

एकादशी का नाममहीनाविशेष महत्व
मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष (दिसंबर)इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था।
निर्जला एकादशीज्येष्ठ (जून)बिना जल के रखा जाने वाला सबसे कठोर व्रत।
देवशयनी एकादशीआषाढ़ (जुलाई)भगवान विष्णु 4 महीने के लिए शयन करते हैं।
देवउठनी एकादशीकार्तिक (नवंबर)भगवान जागते हैं — इसे प्रबोधिनी भी कहते हैं।
पापमोचनी एकादशीचैत्र (मार्च)सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
आमलकी एकादशीफाल्गुन (मार्च)खाटू श्याम मेले के समय आती है — विशेष महत्व।

एकादशी व्रत विधि — खाटू श्याम के लिए

दशमी की रात से तैयारी

एकादशी से एक दिन पहले (दशमी को) रात में सात्विक भोजन करें और जल्दी सो जाएं।

एकादशी को ब्रह्ममुहूर्त में उठें

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और "जय श्री श्याम" का जाप शुरू करें।

व्रत का संकल्प लें

बाबा की तस्वीर के सामने व्रत का संकल्प लें — पूरे दिन अन्न नहीं खाएंगे।

फलाहार करें

दिन में केवल फल, दूध, मखाना और साबूदाना खा सकते हैं।

बाबा की पूजा करें

खाटू श्याम चालीसा, आरती और भजन गाएं। दीपक जलाएं।

द्वादशी को व्रत खोलें

अगले दिन (द्वादशी को) सूर्योदय के बाद पारण करें — व्रत खोलें।

खाटू श्याम के भक्त एकादशी पर विशेष रूप से मंदिर जाते हैं। यदि आप खाटू नहीं जा सकते, तो घर पर भी श्रद्धा से पूजा करें — बाबा की कृपा समान रूप से मिलती है। जय श्री श्याम!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

❓ खाटू श्याम का असली नाम क्या है?
खाटू श्याम का असली नाम बर्बरीक है। वे घटोत्कच (भीम पुत्र) के बेटे थे। श्री कृष्ण के वरदान से वे कलियुग में श्याम नाम से जाने गए।
❓ खाटू श्याम मंदिर कहाँ है?
खाटू श्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में खाटू गाँव में है। पिन कोड 332602। जयपुर से 85 किमी।
❓ खाटू श्याम के दर्शन का समय क्या है?
सुबह 5:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक।
❓ खाटू श्याम एकादशी व्रत की अधिक जानकारी कहाँ से मिलेगी?
JaiShreeKhatuShyam.com पर खाटू श्याम से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध है — इतिहास, आरती, भजन, दर्शन और यात्रा गाइड।

🙏 जय श्री श्याम — बाबा की कृपा सब पर बनी रहे

🏠 होम पेज पर जाएं

🔒 आपकी जानकारी सुरक्षित है। कभी भी सदस्यता रद्द करें।