फाल्गुन मेला — खाटू का सबसे बड़ा उत्सव
हर साल फाल्गुन माह (फरवरी-मार्च) में खाटू में एक विशाल मेला लगता है। यह मेला फाल्गुन शुक्ल दशमी से द्वादशी तक (3 दिन) चलता है। इन तीन दिनों में खाटू नगर में 30-40 लाख से भी अधिक भक्त आते हैं।
फाल्गुन द्वादशी को बाबा श्याम का जन्मदिन मनाया जाता है। इस दिन मंदिर को भव्य रूप से सजाया जाता है, विशेष पूजा और यज्ञ होते हैं, और बाबा को विशेष भोग लगाया जाता है।
मेले का कार्यक्रम
| दिन | तिथि | मुख्य कार्यक्रम |
|---|---|---|
| पहला दिन | फाल्गुन शुक्ल दशमी | मेले का उद्घाटन। भक्तों का आगमन शुरू। भजन-कीर्तन। |
| दूसरा दिन | फाल्गुन शुक्ल एकादशी | विशेष पूजा। यज्ञ। सबसे ज्यादा भीड़। |
| तीसरा दिन (मुख्य दिन) | फाल्गुन शुक्ल द्वादशी | जन्म उत्सव। विशेष अभिषेक। श्रृंगार आरती। |
मेले में क्या होता है?
भजन संध्या
रात भर चलने वाले भजन कार्यक्रम। देश के प्रसिद्ध गायक गाते हैं।
दीपदान
यमुना नदी की तरह यहाँ भी दीप जलाकर बाबा को अर्पित करते हैं।
प्रदर्शनी
खाटू के आसपास हजारों दुकानें — प्रसाद, कपड़े, मिठाई, खिलौने।
रथ यात्रा
बाबा की विशेष रथ यात्रा निकाली जाती है।
चोला चढ़ाना
लाखों भक्त इस दिन चोला चढ़ाते हैं — मन्नत पूरी होने पर।
लंगर
24 घंटे लंगर — सभी को निःशुल्क भोजन।
फाल्गुन मेले में जाना एक जीवनकाल का अनुभव है। लाखों भक्तों के बीच "जय श्री श्याम" का जयकारा — यह अनुभव आत्मा को झकझोर देता है। अगर आप एक बार भी खाटू गए हैं तो जानते होंगे — बाबा की कृपा से यह यात्रा हमेशा यादगार रहती है। जय श्री श्याम!