| असली नाम | बर्बरीक |
| पिता | घटोत्कच (भीम के पुत्र) |
| माता | मोरवी (नाग कन्या) |
| शक्ति | तीन अजेय दिव्य बाण |
| वरदान दाता | श्री कृष्ण (महाभारत काल में) |
| कलियुग नाम | श्याम / खाटू श्याम |
| उपाधि | लखदातार, हारे का सहारा, कलियुग के देवता |
| मंदिर | खाटू, सीकर, राजस्थान (Pin: 332602) |
| विशेष दिन | शुक्रवार, एकादशी, फाल्गुन माह |
बाबा श्याम की भक्ति में जाति, धर्म, उम्र का कोई भेद नहीं। हर कोई बाबा के दर पर जा सकता है और आशीर्वाद पा सकता है। "जय श्री श्याम" — यह दो शब्द ही काफी हैं।