श्याम बाबा व्रत कथा
एक समय की बात है, एक गरीब भक्त हर शुक्रवार को बाबा श्याम का व्रत रखता था। उसके जीवन में बहुत दुख था — न नौकरी, न पैसा, न सुख। लेकिन वह बाबा पर पूरा विश्वास रखता था।
एक शुक्रवार उसने सच्चे मन से बाबा को याद किया और कहा — "बाबा, मेरे पास कुछ नहीं है, लेकिन मेरा विश्वास आप पर है।" उसी रात उसे सपने में बाबा के दर्शन हुए।
अगले दिन उसकी किस्मत बदल गई — उसे एक अच्छी नौकरी मिली और उसके परिवार में सुख आया। तब से वह हर शुक्रवार व्रत रखता है। ॥ जय श्री श्याम ॥
व्रत की विधि
- शुक्रवार को सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें
- पीले या सफेद वस्त्र पहनें
- खाटू श्याम की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं
- चालीसा और आरती का पाठ करें
- पूरे दिन एक बार भोजन करें या फलाहार करें
- शाम को फिर से आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं
- 21, 51 या 108 शुक्रवार का व्रत रखें
व्रत रखते समय मन में ईर्ष्या, क्रोध और लालच न रखें। दूसरों की भलाई करें और सच्चे मन से बाबा को याद करें। यही असली भक्ति है जो बाबा को प्रसन्न करती है।