बाबा को चुनरी क्यों चढ़ाते हैं?
खाटू श्याम बाबा को चुनरी (लाल/पीला कपड़ा) चढ़ाना एक विशेष परंपरा है। जब भक्त मन्नत माँगते हैं तो वे चुनरी चढ़ाने का संकल्प लेते हैं। मन्नत पूरी होने पर वापस जाकर चुनरी चढ़ाते हैं।
लाल चुनरी
मन्नत माँगते समय लाल चुनरी चढ़ाते हैं
पीली चुनरी
विशेष पूजन और श्रृंगार के लिए
केसरिया चुनरी
फाल्गुन मेले में विशेष चढ़ावा
सफेद धोती
बाबा को धोती चढ़ाना भी पवित्र है
ध्वज चढ़ाने की परंपरा
खाटू मेले में ध्वजारोहण एक महत्वपूर्ण रस्म है। दूर-दूर से भक्त बाबा की ध्वजा (झंडा) चढ़ाने आते हैं। मन्नत पूरी होने पर विशेष ध्वजा चढ़ाई जाती है। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी ध्वजाएं हमेशा लहराती रहती हैं।
चुनरी और ध्वजा मंदिर के बाहर की दुकानों पर उचित दाम में मिलती हैं। खरीदते समय मन में बाबा का ध्यान रखें और श्रद्धा से चढ़ाएं।