खाटू श्याम भक्ति के मूल नियम
1
प्रतिदिन नाम जाप करें
"जय श्री श्याम" या "श्याम श्याम" का 108 बार जाप करें। माला से करें तो और अच्छा।
"जय श्री श्याम" या "श्याम श्याम" का 108 बार जाप करें। माला से करें तो और अच्छा।
2
शुक्रवार का व्रत रखें
बाबा का दिन शुक्रवार है। इस दिन व्रत रखें और विशेष पूजा करें।
बाबा का दिन शुक्रवार है। इस दिन व्रत रखें और विशेष पूजा करें।
3
एकादशी का व्रत
महीने में दो एकादशी — बाबा को यह तिथि बहुत प्रिय है।
महीने में दो एकादशी — बाबा को यह तिथि बहुत प्रिय है।
4
सच्चाई से रहें
बाबा के भक्त झूठ, छल और अधर्म से दूर रहते हैं।
बाबा के भक्त झूठ, छल और अधर्म से दूर रहते हैं।
5
दान और सेवा करें
गरीबों की मदद करना — यही असली खाटू श्याम सेवा है।
गरीबों की मदद करना — यही असली खाटू श्याम सेवा है।
6
भजन-कीर्तन सुनें
बाबा के भजन सुनना भी भक्ति का एक रूप है।
बाबा के भजन सुनना भी भक्ति का एक रूप है।
7
खाटू यात्रा करें
साल में कम से कम एक बार खाटू धाम के दर्शन करें।
साल में कम से कम एक बार खाटू धाम के दर्शन करें।
शुक्रवार व्रत की विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
- पीले या सफेद वस्त्र पहनें
- बाबा श्याम की मूर्ति या फोटो के सामने दीप जलाएं
- पीले फूल, चुनरी, मिठाई चढ़ाएं
- खाटू श्याम चालीसा या आरती पढ़ें
- दिनभर फल-दूध का व्रत रखें
- शाम को फिर से आरती करके व्रत खोलें
भक्ति में कोई नियम मजबूरी नहीं है — जो मन से हो, वही करें। बाबा श्याम भाव के भूखे हैं, शब्दों के नहीं। सच्चे दिल से "जय श्री श्याम" बोलना ही सबसे बड़ी पूजा है।